Sunday, 14 November 2021
Friday, 13 August 2021
Wednesday, 28 July 2021
Friday, 18 June 2021
Thursday, 17 June 2021
Wednesday, 28 April 2021
Sunday, 7 February 2021
Monday, 1 February 2021
Tuesday, 26 January 2021
Republic day
जन्म लिया इस मिट्टी में ,
ये मिट्टी नहीं,ये शान हमारी हैं
मातृभूमि इसको कहते ,
ये पहचान हमारी हैं
इस मिट्टी की बात भी हैं, कुछ निराली
यहां बहती गंगा, यमुना हमारी है
आंख उठती जब इसपर कोई
तो सबब ये उसको सिखाती हैं
ये मिट्टी नहीं, ये शान हमारी हैं
इस मिट्टी के रूप भी हैं, अनेक
कई रेत तो कई है हरियाली
इसे सींचा हैं जिन्होंने ,
वो बेटे इसके महान हैं
जान देकर भी जिन्होंने कि रखवाली इसकी हैं
जन्म मिला जब मुझको यहां
तब खुशी से गायी यहीं कव्वाली हैं
ये देश नहीं ये शान हमारी हैं
Friday, 1 January 2021
Thursday, 24 December 2020
Poetry
गुजरे वक्त की खाशियत हैं निराली
लौटता नहीं, मगर यादें होती हैं प्यारी
यूं तो भरोसा होता नहीं
पर शायद यही है तकदीर हमारी
परेशानी हैं गहरी
इतनी सी है हैं जिंदगानी हमारी
रूठो को हमे ही हैं मनाना
बस इतनी सी है परेशानी हमारी
भीड़ में भी अकेला करदे
ऐसी हैं तन्हाइयो से यारी हमारी
जुदा किसी से होना नहीं
इतनी सी है ख्वाहिश हमारी
Wednesday, 23 December 2020
change
somethings have to change, but baby thst's not me.... cause u always says stuff that i don't believe so is it all on me.... i thoug...
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They were the happy family of four. but after a few failed attempt to kill the monster and saw their loved ones die their inner spirit was ...














